कोयलिया बोली रे लिरिक्स - Koyaliya Boli Re Lyrics
कोयलिया बोली रे, कोयलिया बोली रे, अमुवा की डार अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, कोयलिया बोली रे, अमुवा की डार अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बाग लगाए, बगीचा लगाए, और लगाए केला रे बालम, और लगाए केला, बाग लगाए, बगीचा लगाए, और लगाए केला रे बालम, और लगाए केला, जिस पिंजरा में प्राण निकल गओ, रह गओ चाम अकेला, अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, कोयलिया बोली रे, अमुवा की डार अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, ३ दिना लो तिरिया रोवे, ६ महिना लो भाई रे बालम, ६ महिना लो भाई, ३ दिना लो तिरिया रोवे, ६ महिना लो भाई रे बालम, ६ महिना लो भाई, जनम-जनम लो माता रोवे, कर गओ आस पराई, अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, कोयलिया बोली रे, अमुवा की डार अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ नैया रे, बिना राम रघुनंदन अपनों कोऊ ...