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जगन्नाथ चका नैन निलाचल वारे

जगन्नाथ चका नैन निलाचल वारे, तू न सम्हाले तो हमे कौन सम्हाले, हे तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, जगन्नाथ, चका नैन, जगन्नाथ, चका नैन, निलाचल वारे, तू न सम्हाले तो हमे कौन सम्हाले, हे तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले, (२) हो हमें तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, जगन्नाथ, चका नैन, जगन्नाथ, चका नैन, निलाचल वारे, तू न सम्हाले तो हमे कौन सम्हाले, हे तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, हो तुम्हें छोड़ जाऊं मैं अब किसके द्वारे, (२) तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, (२) जगन्नाथ, चका नैन, जगन्नाथ, चका नैन, निलाचल वारे, तू न सम्हाले तो हमे कौन सम्हाले, हे तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, जगन्नाथ स्वामी मेरे नैनो के तारे, (२) हो मेरे सब काज स्वामी आप सम्हाले, (२) जगन्नाथ, चका नैन, जगन्नाथ, चका नैन, निलाचल वारे, तू न सम्हाले तो हमे कौन सम्हाले, हे तू न सम्हाले तो हमें कौन सम्हाले, स्वर - इंद्रेश जी महाराज